Blogs

Blogs

Uth Jaag Musafir Bhor Bhai

उठ जाग मुसाफिर भोर भई उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहाँ जो सोवत है । जो सोवत है सो खोवत है, जो जागत है सोई पावत है ॥ उठ नींद से अखियाँ खोल जरा, और अपने प्रभु में ध्यान लगा । यह प्रीत करन की रीत नहीं, प्रभु… Read more »

Tora Man Darpan Kahlaye

तोरा मन दर्पण कहलाए तोरा मन दर्पण कहलाए, भले, बुरे, सारे कर्मों को, देखे और दिखाए ॥ मन ही देवता, मन ही ईश्वर, मन से बड़ा ना कोई, मन उजियारा, जब जब फैले, जग उजियारा होए, इस उजले दर्पन पर प्राणी, धूल ना ज़मने पाए ॥ ​तोरा मन दर्पण कहलाये,… Read more »

Bhagwan Meri Naiya

भगवान मेरी नैया भगवान मेरी नैया, उस पार लगा देना, अब तक तो निभाया है, आगे भी निभा देना ॥ हम दीन दुखी निर्बल, नित नाम रहे प्रतिपल, यह सोच दरश दोगे, प्रभु आज नही तो कल, जो बाग़ लगाया है, फूलों से सजा देना, भगवान मेरी नईया, उस पार… Read more »